राष्ट्रीय

नई शिक्षा नीति अगले 25 वर्षों तक भारत को युवा देश बनाकर रखेगा- डॉ निशंक

नई दिल्ली, आईआईटी खड़गपुर के छात्र फाउंडेशन ने अमेरिका में रह रहे छात्रों के साथ मिलकर एक अनोखी पहल की है. भारत को शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक गंतव्य बनाने को लेकर इस पहल की काफी सराहना की जा रही है. दरअसल, आईआईटी खड़गपुर के साथ मिलकर आईआईटी खड़गपुर फाउंडेशन यूएसए, पैन आईआईटी इंडिया और पैन आईआईटी यूएसए ने “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और भारत – उच्च शिक्षा हेतु वैश्विक गंतव्य” नामक वेबिनार का आयोजन किया. इस वेबिनार को माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने संबोधित किया. इस वेबिनार में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री श्री संजय धोत्रे जी, उच्च शिक्षा सचिव श्री अमित खरे जी, आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. वी के तिवारी, पूर्व-छात्र फाउंडेशन इंडिया के अध्यक्ष वरदराजन शेषमानी, आईआईटी भुवनेश्वर बोर्ड के सदस्य एवं वेबिनार के अध्यक्ष कमांडर वी के जेटली, आईआईटी खड़गपुर फाउंडेशन, यूएसए, बोर्ड के सदस्य, पैन आईआईटी यूएसए, के अध्यक्ष श्री रॉन (रणबीर) गुप्ता एवं अन्य गणमान्य सदस्यों ने भाग लिया. इस आयोजन से करीब 50 हजार लोग जुड़े। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने भी इस आयोजन की सराहना की है.

माननीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’  जी ने कहा कि मुझे इस आयोजन क हिस्सा बनते हुए गर्व महसूस हो रहा है. जैसा कि अमित खरे जी ने बताया कि  सभी लोगों ने नई शिक्षा नीति को कारगर रुप देने में काफी मेहनत की है. माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने 21वी सदी के आत्मनिर्भर और स्वच्छ भारत की कल्पना की है और नई शिक्षा नीति 2020 के जरिए नए भारत की चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी.

जैसा कि आप जानते हैं कि आर्यभट्ट, भास्कराचार्य, श्रीनिवास रामानुजन को पूरी दुनिया उनके प्रयासों के लिए वैज्ञानिक के रुप में पहचानती है. आईआईटी खड़गपुर का नाम पूरी दुनिया  के लोग जानने लगे है. आज सुंदर पिचाई, अर्जुन मल्होत्रा, अजीत जैन, अरुण सरीन, दुव्वुरी सुब्बाराव, हरीश हांडे को पूरी दुनिया जानती है और सभी लोगों ने आईआईटी खड़गपुर से पढाई की है। इन लोगों ने भारत का परिचय पूरी दुनिया से कराया है.

जैसी कि मैनें कई बार कहा है कि नई शिक्षा नीति पूरी दुनिया के लिए है और हमारी जड़ें पूरी दुनिया में मजबूत होगी. नई शिक्षा नीति 2020 देश की वर्तमान शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करेगा और अगले 25 वर्षों तक भारत को युवा देश बनाकर रखेगा.  जिससे भारत को ज्ञान आधारित महाशक्ति बनाकर देश के सामाजिक – आर्थिक जीवन में नया सूत्रपात करने की हमारी कोशिश कारगर होगी.

नई शिक्षा नीति में मातृभाषा की ताकत और उसके महत्व को पहचानने की कोशिश की गई है. नई शिक्षा नीति को तैयार करने में 2 लाख लोगों से संवाद स्थापित किया गया है. देश के करीब 99 प्रतिशत लोगों ने इसे स्वीकार कर लिया है और पूरा देश उत्साहित नजर आ रहा है. नई शिक्षा नीति में इंटर्नशिप भी है और अप्रेंटिसशिप भी है.  रिपोर्ट कार्ड, प्रगति कार्ड, समग्र डिग्री, एकाधिक प्रवेश और निकास, क्रेडिट बैंक जैसे नए तरीके के जरिए शिक्षा को रुचिकर बनाने की कोशिश की गई है. नई शिक्षा नीति के जरिए भारत समग्रता से आगे बढ़ेगा और कोई भी राष्ट्र इसका मुकाबला नहीं कर पाएगा। भारत पूरी दुनिया में नेतृत्व की भूमिकाओं में है लेकिन ‘टाइम्स रैंकिंग’ में भारत का ध्यान नहीं रखा जाता है. ऐसे में नई शिक्षा नीति इन तमाम खामियों को दूर करेगी. जो हमें एक बेहतर इंसान बनने और नौतिक मूल्य सिखाने में मदद करेगी.

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी मंच हमें आगे बढ़ने में मदद करेगा. जिसके लिए भारत को विश्व स्तर पर शीर्ष पर ले जाने के लिए 20 आईओई बनाए गए हैं जिसके जरिए वैश्विक स्तर पर छात्रों को पहचान बनाने में मदद मिलेगी. जैसा कि आप जानते है कि कोविड महामारी की वजह से रातों- रात पूरी शिक्षा व्यवस्था को ऑनलाइन करना पड़ा था। जिससे करीब 25-30 करोड़ छात्रों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना पड़ा जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है.

जैसा कि माननीय प्रधानमंत्री जी ने वन नेशन वन डिजिटल प्लेटफॉर्म की बात कही है। इसके अलावा पूरी दुनिया के शिक्षा मंत्रियों ने मुझे बुलाया है और बधाई दी है. आज हम  हम एक नया इतिहास लिखने की योजना बना रहे हैं और हम सभी को इसे एक साथ करने की आवश्यकता है. नई शिक्षा नीति भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों है, यह प्रभावशाली और इंटरैक्टिव है, जिसे समानता के आधार  पर बनाया गया है.

माननीय डॉ निशंक ने इस दो दिवसीय वेबिनार के आयोजन पर बधाई दी है औऱ कहा है कि कोरोना महामारी के बाद जब सभी चीजें सामान्य हो रही है  ऐसे में भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति हमारी संभावनाओं को और विस्तार देती है. मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस वेबिनार से एक सार्थक कार्य योजना का स्वरुप निर्धारित किया जाएगा.

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *