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आर्मीनिया-अजरबैजान बातचीत के लिए तैयार, रूस करेगा दोनों देशों के बीच मध्यस्थता

आर्मीनिया और अजरबैजान ने पहली बार वार्ता करने पर सहमति जाहिर की है. रूस के मध्यस्थता करने पर यह फैसला किया गया है. रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने बताया है कि बाकू और येरेवन ने बातचीत में हिस्सा लेने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया है कि वार्ता की तैयारी शुरू हो चुकी हैं.

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने की बात

क्रेमलिन का कहना है कि आर्मीनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान और अजरबैजान के राष्ट्रपति इलहम अलियेव के साथ कई फोन कॉल पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने काराबाख में संघर्ष खत्म करने की अपील की ताकि मृतकों के शव वापस किए जा सकें और कैदियों को भी एक्सचेंज किया जा सके.

दोनों देशों के विदेश मंत्री मिलेंगे

दोनों देशों के विदेश मंत्रियों को रूस की राजधानी में आमंत्रित किया गया है. इस बातचीत की मध्यस्थता रूस करेगा. इस क्षेत्र में 27 सितंबर को दोनों देशों के बीच संघर्ष शुरू हुआ था जो अजरबैजान के तहत आता है लेकिन इस पर स्थानीय आर्मीनियाई बलों का नियंत्रण है. यह 1994 में खत्म हुए युद्ध के बाद इस इलाके में सबसे गंभीर संघर्ष है.

डर के साये में आम नागरिक

जंग में अजरबैजान सेना के 3 हजार से ज्यादा सैनिक जान गंवा चुके हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक गोलीबारी की चपेट में नागरिक भी आए हैं. यहां हालात इतने खराब हैं कि काराबाख के पास गांवों को खाली कराया जा रहा है. हालांकि, नाोगोर्नो-काराबाख की राजधानी स्टेपनकर्ट को खाली नहीं कराया गया है. जिन जगहों पर लोग अभी भी वहां फंसे हैं वे घरों के नीचे बने तहखानों में छिपकर गोलीबारी से अपनी जान बचा रहे हैं. उजड़े हुए घरों और डर के माहौल के बीच आने वाले कल पर संशय बरकरार है.

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