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बातचीत के बाद भी बाज नहीं आ रहा चीन: बॉर्डर पर तोपों की कर रहा तैनाती

डेस्क: भारत और चीन के बीच लद्दाख सहित बॉर्डर पर तीन जगहों पर शुये हुए विव्चाद का भी तक कोई भी हल नहीं निकल सका है. भारत और चीन के बीच कई दौर की बातचीत एक बाद भी चीन ने लद्दाख में अपनी पोजीशन में कोई भी बदलाव न कर भारत पर दबाव बनाने वाली रणनीति पर लगातार आगे बढ़ रहा है.

बतादें कि जहाँ भारत सहित दुनिया चीन द्वारा फैलाए गये कोरोना महामारी से निपट रही है वहीँ चीन लगातार अपने पड़ोसियों को परेशान कर रहा है. भारत और चीन के बेच डोकलाम के बाद लद्दाख में पिछले मई से तनाव जैसी स्थिति बनी हुई है. जहाँ जून में ही भीषण सैन्य संघर्ष में दोनों देशों की सेनाओं को भारी जनहानि हुई. उसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य ही नहीं  आर्थिक रूपस इ भी युद्ध छिड़ गया है. ऐसे में भारत की ओर से आर्थिक युद्ध के बौखलाए चीन ने बॉर्डर पर बातचीत के बाद भी पीछे हटके के वाडे से मुकर गया है.

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चीन लगातार बॉर्डर पर तोपों और सैन्य सामग्री को बढ़ा कर भारत पर दबाव बनाने की दिशा में काम कर रहा है. एलएसी पर यथास्थिति बहाल करने के लिए कमांडर स्तर बातचीत से कोई पुख्ता हल नहीं निकला. इसके बाद अब तनाव को कम करने के लिए आज मेजर जनरल स्तर की वार्ता हो रही है. सेना के सूत्रों के मुताबिक यह बातचीत दौलत बेग ओल्डी इलाके में हो रही है. इस बैठक में भारत की तरफ से मेजर जनरल अभिजीत बापट शामिल हुए हैं. इस बातचीत का अहम मुद्दा है डेपसांग इलाक़े में चीनी सेना की तैनाती और उनकी तोपों के साथ लगातार चीन भारत पर सैन्य ताकत का दवाब बनाने में जुटा है.

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भारतीय सेना की बॉटलनेक इलाक़े में पेट्रोलिंग को इस समय चीनी सेना ने रोका हुआ है इसीलिए PP-10, PP-11, PP-11A, PP-12 ,PP-13 के दबाव को कम करने के लिए ये बातचीत की जा रही है. आधिकारिक लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव को कम करने के लिए यह पांचवी बातचीत है. जहाँ भारत ने चीन से साफ़ शब्दों में कहा है कि वह तुरंत सेना के सहित वापस लौटे.

कुछ अधिकारियों ने कहा कि चीनी सेना गलवान घाटी और टकराव वाले कुछ अन्य स्थानों से पहले ही पीछे हट चुकी है, लेकिन भारत की मांग के अनुसार पैंगोंग में फिंगर इलाकों में अभी भी चीनी सेना रुकी हुई है. चीन को यहाँ से भी सैनिकों को वापस बुलाना होगा. भारत इस बात पर जोर देता आ रहा है कि चीन को फिंगर-4 और फिंगर-8 के बीच वाले इलाकों से अपने सैनिकों को वापस बुलाना चाहिए.

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