Top 5 राजस्थान

कांग्रेस में विलय करने वाले 6 BSP विधायकों को HC का नोटिस: पार्टी ने दाखिल की थी याचिका

जयपुर: राजस्थान की सियासत में एकबार फिर से नया ड्रामा हो सकता है. बहुजन समाज पार्टी के छह विधायकों द्वारा खुद को कांग्रेस में विलय करने को लेकर अब बहुजन समाज पार्टी की याचिका पर हाईकोर्ट ने सभी छह विधायकों को नोटिस जारी किया है.

बतादें कि राजस्थान की सियासत में सचिन पायलट के बगावत वाले शुरू अपनाने के बाद शुरू हुआ ड्रामा अभी भी ख़त्म नहीं हुआ है. अब सियासी ड्रामा कई चरणों में बाँट भी गया है. सचिन पायलट बनाम अशोक गहलोत के बीच शुरू हुई सियासी लड़ाई अब अशोक गहलोत बनाम राज्यपाल हो गयी है. इसी बीच राज्य की कांग्रेस सरकार में बड़ा किरदार निभाने वाली बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार की मुश्किल बढ़ा दी है. दरअसल पार्टी लाइन से हटकर बहुजन समाज पार्टी के 6 विधायकों ने राजस्थान के चुनाव के बाद कांग्रेस में विलय कर लिया था, लेकिन अब पार्टी की ओर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है.

‘मेड इन इंडिया’ साइकिल चलाते नजर आये पीएम जॉनसन: शुरू की यह योजना…

जिसपर गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद कांग्रेस में विलय करने वाले सभी 6 विधायकों, विधानसभा अध्यक्ष और विधानसभा सचिव को नोटिस जारी किया गया है. अदालत की ओर से सभी से 11 अगस्त तक जवाब देने को कहा गया है. लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सतीश मिश्रा ने हाईकोर्ट में दलीलें पेश की. जिसके बाद कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. सुनवाई के दौरान बसपा ने कोर्ट में कहा वो एक राष्ट्रीय पार्टी हैं, ऐसे में राज्य स्तर पर विधायक किसी दूसरी पार्टी में विलय नहीं कर सकते हैं. सतीश मिश्रा ने कोर्ट में हरियाणा के कुलदीप विश्नोई मामले का हवाला दिया गया है, साथ ही जगजीत सिंह केस का भी हवाला दिया गया है. उन्होंने कोर्ट में कहा कि बसपा राष्ट्रीय स्तर की पार्टी है, ऐसे में राज्य स्तर पर फैसला मान्य नहीं होता है.

संकट में भूमिपूजन- मंदिर के पुजारी प्रदीप दास कोरोना संक्रमित-16 पुलिसकर्मी भी पॉजिटिव

सुनवाई में बीएसपी की ओर से स्पीकर पर आरोप लगाया गया और कहा गया कि स्पीकर जानबूझकर पूरे मामले को खींच रहे हैं. दरअसल पिछले दिनों बीएसपी ने अपने विधायकों को सदन में कांग्रेस के खिलाफ वोट करने के लिए व्हिप जारी किया था, जिसे छह विधायकों ने यह कहते हुए मानने से इंकार कर दिया था कि वह अब कांग्रेस के साथ हैं. उधर राज्यपाल ने गहलोत सरकार के विधानसभा सत्र बुलाने की मनाग को स्वीकार कर लिया है. अब 14 अगस्त को विस सत्र आहूत होगा.

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *